माँ कहा करती 1. माँ के जिस्म के खुरंट जब चाहे खुजलाने लगते हर खुरन्ट के नीचे मवाद हर मवाद के पीछे कहानी उन्हें खुजलाता देख हमारा आक्रोश फट पड़ता “तुम्हारी जगह हम होते तो इतन… continua →
змеяfederico federici wrote 11 months ago: सूरज को सरापती लड़की उन घुप्प अंधेरी सीढ़ियों में जिनका एक सिरा धूप भरपूर छत पर चढ़ता है … more →
federico federici wrote 1 year ago: कुंडली मारे बैठी स्त्री देह The Serpent Coiling Woman Body Il serpente che avvolge il corpo … more →
federico federici wrote 1 year ago: उसे कोई फरक नहीं पड़ता यूँ तो उससे बिछुड़े अर्सा हो गया फिर भी वह चली आती है नीन्द की च … more →
federico federici wrote 1 year ago: जंगली दोस्ती काले भयानक जंगल में काँटों के झाड़ पर एक खूबसूरत सपना खिलता है उस सपने पर … more →
federico federici wrote 1 year ago: कल रात सपना था और तुम थे तुम थे बस तुम थे तो मैं कहाँ थी? Last night there w … more →
federico federici wrote 1 year ago: Inizia questa settimana la pubblicazione online del lavoro di Rati Saxena, in uscita per le Edizion … more →